Alone (Fiction)

It's three years passed when I had decided to live alone. From quieting my friends to maintain distances from my relatives. Everything was wonderful, life was going smoothly. I was no more witness to their disturbances. I got a chance to meet me, I learn to enjoy my own company. By doing all this I … Continue reading Alone (Fiction)

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नहीं कोई मजा यूँ…

नहीं कोई मजा यूँ मंजिलो को पाने में जब रास्ते सीधे हो और मंजिल सामने, मजा तो तब है जब रास्ते उलझे हुए हो और मंजिले धुमिल, नहीं कोई मजा यूँ जिंदगी जीने में जब न हो कोई मुश्किले और न कोई खिलाफ, मजा तो तब है जब जिंदगी में हो मुश्किल अनेक और एक … Continue reading नहीं कोई मजा यूँ…

आईना

दिल के इशारो में आसमाँ के किनारो में जो एक अजीब सी पहेली हैं, वो देखी है मैंने तुम्हारी आँखो में। आईना सी लगती हैं ये आँखे तुम्हारी, जब खुद को साफ-साफ देख पाता हूँ मैं इन आँखो में तुम्हारी। इक अजीब सी खुशी का एहसास होता हैं मन में, जब मेरी आँखो के सामने … Continue reading आईना