Poem (Hindi)

सत्य कि तलाश

जब कभी खुद को अकेला पाया चारों ओर सन्नाटा घना अँधेरा पाया, मन में बस एक ही विचार आया कौन है वो जिसने मुझे बनाया, अगर उसने मुझे बनाया तो दुखों के साथ क्यों बनाया। यकि नहीं होता कि एक दिन मैं मरुँगा, क्या मेरे अंदर भी कोई आत्मा हैं कभी महसूस नहीं होता, फिर… Continue reading सत्य कि तलाश