Shayari

एहसास

अपने ही होने का खुद एहसास नहीं है मुझको छूकर को ही छूकर देख लेता हूँ मैं अक्सर, शामिल अपनी जिंदगी मे मैं हूँ की नहीं। ©COPYRIGHT 2020 All rights reserved to Writomaniacs.

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निगाहें

फखत देखा था उनकी निगाहों मे इक दफा, किसी और के तसव्वुर मे अब उठती नहीं  निगाहें // Read More- काबिलियत गुमनाम परिंदा मिजाज इंतजार अक्स ©COPYRIGHT 2020 All rights reserved to Writomaniacs.

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काबिलियत

जिसे पाने की दिल में कोई तमन्ना ही न थी, उसे खोने का आज हमको ग़म ये कैसा।। वो कहते है हमसे तुम इसके काबिल ही न थे, ईल्म उनको हमारी काबीलियत का कैसा।। Read more - गुमनाम परिंदा मिजाज इंतजार अक्स ©COPYRIGHT 2020 All rights reserved to Writomaniacs.

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गुमनाम

अकेला ही था मे गुमनाम राहों मे सुनता गया सबकी लिखता गया अपनी, अनजान ही रहा मे उन महफिलों से जहां गूंजता गीत भी मेरा ही लिखा था // ©COPYRIGHT 2020 All rights reserved to Writomaniacs.

Poem (Hindi)

कश्मकश

जिसे पाने की दिल में कोई तमन्ना ही न थी, उसे खोने का आज हमको ग़म ये कैसा।। वो कहते है हमसे तुम इसके काबिल ही न थे, ईल्म उनको हमारी काबीलियत का कैसा।।

Poem (Hindi)

सत्य कि तलाश

जब कभी खुद को अकेला पाया चारों ओर सन्नाटा घना अँधेरा पाया, मन में बस एक ही विचार आया कौन है वो जिसने मुझे बनाया, अगर उसने मुझे बनाया तो दुखों के साथ क्यों बनाया। यकि नहीं होता कि एक दिन मैं मरुँगा, क्या मेरे अंदर भी कोई आत्मा हैं कभी महसूस नहीं होता, फिर… Continue reading सत्य कि तलाश

Poem (Hindi)

नहीं कोई मजा यूँ…

नहीं कोई मजा यूँ मंजिलो को पाने में जब रास्ते सीधे हो और मंजिल सामने, मजा तो तब है जब रास्ते उलझे हुए हो और मंजिले धुमिल, नहीं कोई मजा यूँ जिंदगी जीने में जब न हो कोई मुश्किले और न कोई खिलाफ, मजा तो तब है जब जिंदगी में हो मुश्किल अनेक और एक… Continue reading नहीं कोई मजा यूँ…

Poem (Hindi)

आईना

दिल के इशारो में आसमाँ के किनारो में जो एक अजीब सी पहेली हैं, वो देखी है मैंने तुम्हारी आँखो में। आईना सी लगती हैं ये आँखे तुम्हारी, जब खुद को साफ-साफ देख पाता हूँ मैं इन आँखो में तुम्हारी। इक अजीब सी खुशी का एहसास होता हैं मन में, जब मेरी आँखो के सामने… Continue reading आईना

Poem (Hindi)

चाँद और रोशनी।

  हमने तो उससे माँगी थी रोशनी उसने तो हमें चाँद ही दे दिया, खुश हुए थे बहुत हम उसे पाकर हमें लगा जैसे हमारी जिंदगी में अंधेरा ही न रहा। लोगों ने कहा हमें कि हर चाँद में दाग होता हैं, हमने कहा कि यह चाँद खुदा ने हमे बेदाग दिया हैं। हर कदम पे… Continue reading चाँद और रोशनी।

Poem (Hindi)

उम्मीद की किरण।

  वह हँसता सा चेहरा वह कोयल सी बोली, कहाँ खो गया सब एक ही पल में, हैवानियत का ऐसा मंजर हुअा, कि इंसानियत शरमोसार हो गयी... किसे दोष दूँ मैं इसका, उन दरिंदो को, समाज को या फिर समाज कि सोच को, जो भी हो अब उसकी जिंदगी तो तबाह हो गयी, नहीं अायेगी… Continue reading उम्मीद की किरण।

Poem (Hindi)

माँ

कभी रुलाती है वो तो कभी हॅंसाती है वो, कौन है वो ? जो पग-पग पर मेरा साथ निभाती है, कठोर बनकर दिखाती है वो अंदर से कोमल नजर अाती है वो, लबों पर कभी उसके बददुआ नहीं होती, कौन हे वो ? जो मुझसे खफा नहीं होती। धन्य है वो, जो पा ले उसका प्यार,… Continue reading माँ