Shayari

मिज़ाज

हवाओं को दोष न दीजिये मौसमों के बदल जाने का, उमड़ना घुमड़ना और फिर बिखर जाना मिजाज है ये तो बादलों का // ©COPYRIGHT 2019 All rights reserved to Writomaniacs.

Poem (Hindi)

चाँद और रोशनी।

  हमने तो उससे माँगी थी रोशनी उसने तो हमें चाँद ही दे दिया, खुश हुए थे बहुत हम उसे पाकर हमें लगा जैसे हमारी जिंदगी में अंधेरा ही न रहा। लोगों ने कहा हमें कि हर चाँद में दाग होता हैं, हमने कहा कि यह चाँद खुदा ने हमे बेदाग दिया हैं। हर कदम पे… Continue reading चाँद और रोशनी।

Poem (Hindi)

उम्मीद की किरण।

  वह हँसता सा चेहरा वह कोयल सी बोली, कहाँ खो गया सब एक ही पल में, हैवानियत का ऐसा मंजर हुअा, कि इंसानियत शरमोसार हो गयी... किसे दोष दूँ मैं इसका, उन दरिंदो को, समाज को या फिर समाज कि सोच को, जो भी हो अब उसकी जिंदगी तो तबाह हो गयी, नहीं अायेगी… Continue reading उम्मीद की किरण।