Shayari

मिज़ाज

हवाओं को दोष न दीजिये मौसमों के बदल जाने का, उमड़ना घुमड़ना और फिर बिखर जाना मिजाज है ये तो बादलों का // ©COPYRIGHT 2019 All rights reserved to Writomaniacs.